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Aaj Tumhara Janamdivas hai Parabrahma Avatari || आज तुम्हारा जन्मदिवस है परब्रह्म अवतारी || Sri Sathya Sai Birthday Song Lyrics r

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Lyrics: Aaj Tumhara Janamdivas hai Parabrahma Avatari in Hindi आज तुम्हारा जन्मदिवस है परब्रह्म अवतारी

श्री माताजी की प्रार्थना एवं ध्यान || २ नवंबर १९१२

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श्री माताजी की प्रार्थनाएं और ध्यान  श्रीमाँ - २ नवंबर १९१२ हे परम स्वामी! हे चराचर के जीवन, प्रकाश तथा प्रेम ! यद्यपि मेरा सारा अस्तित्व सिद्धांत रूप में तुझे समर्पित है फिर भी इस समर्पण को ब्यौरे में मैं सदा लागू नहीं कर पाती। मुझे यह जानने में कई सप्ताह लगे हैं कि इस लिखित ध्यान का उद्देश्य, इसकी सार्थकता वास्तव में इसे प्रतिदिन तेरे सम्मुख रखने में ही है। इस प्रकार तेरे साथ जो मेरी अनेक बार बातचीत होती है उसके कुछ अंश में प्रतिदिन प्रति चरितार्थ कर पाऊंगी मैं तेरे सामने अपना भाव यथाशक्ति पूरी तरह निवेदित करूंगी; इसलिए नहीं कि मैं समझती हूं कि मैं तुझे कुछ बता सकती हूं - तू तो स्वयं सब कुछ है - बल्कि इसलिए कि संभवत है हमारा समझने तथा अनुभव करने का ढंग तेरे से भिन्न है, वस्तुतः तेरी प्रकृति से उल्टा। फिर भी जैसे मैं तेरी ओर अभिमुख होकर तेरे प्रकाश में स्नान करते हुए वस्तुओं को विचारती हूं, वैसे ही थोड़ा-थोड़ा मैं उन्हें वैसा देखती हूं जैसे कि वह है। फिर एक दिन तेरे साथ तादात्म्य हो जाने के कारण मुझे तुझसे कुछ कहने को नहीं होगा, क्योंकि मैं तू हो जाऊंगी। यही है वह उद्देश...

Divine Experiences of my Parents with Bhagwan Sri Sathya Sai Baba

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Inauguration of Sri Sathya Sai Seva Samithi Shahabad Markanda Kurukshetra in 1971 Vaidya Shukdev Nagar, Kaviraj, Ayurvedacharya,  my Father, Founder member and first President of Sri Sathya Sai Seva Samithi Shahabad Markanda  Sai Ram. I am narrating here experiences of my mother related to Bhagwan Sri Sathya Sai Baba. My father (Late) Sh. Shukdev Nagar was a Vaidya(Ayurvedic Physician) graduated in Ayurveda from Lahore in 1937. Besides Ayurvedic Doctor he was an astrologer & a Spiritual seeker & also a freedom fighter. He had undergone many Sadhanas & achieved many siddhis(Spiritual powers). He was married to my first mother (Late) Mrs. Kamlesh Nagar in around year 1940. She was also a Spiritual seeker and associated with Sri Aurobindo Aashram, Pondicherry. They were leading a blissful Life, but were devoid of a child. After many years of marriage, the situation was same. Then in around 1960 he had his second marriage with my mother (Late) Mrs. Rama Sha...

श्री सत्य साई भजन मार्गदर्शिका || प्रश्नोत्तर

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भजन गायन पर भगवान का परामर्श 1.स्वामी, भावना के साथ भजन कैसे गाएं ? "कुछ लोग भजन में उपस्थित होकर अपने होंठ बिल्कुल नहीं हिलाते। वे कह सकते हैं कि वह भजनों को अपने अंदर मानसिक रूप में गा रहे हैं। यह सही नहीं है। यदि तुम्हारे अंदर भक्ति भावना है तो यह भजन में आवाज के माध्यम से व्यक्त होनी चाहिए। केवल तभी इसे संकीर्तन कहा जा सकता है - दूसरों के साथ एकरूपता में गाना। तुम्हें भगवान के नाम को जोर से, ऊंचे स्वर में जहां तक आवाज जा सके अवश्य गाना चाहिए। केवल तभी भगवान पूर्ण रूप में उत्तर देंगे और अपनी कृपा की वर्षा करेंगे। एक डूबते हुए आदमी को बचाने कोई नहीं आएगा यदि उस की चिल्लाहट मंद (धीमी) हो। जब वह जोर से ऊंची आवाज में चिल्लाएगा केवल तभी उसकी आवाज सुनी जाएगी और लोग उसकी रक्षा के लिए दौड़ेंगे। संकीर्तन का अर्थ है, भक्ति और उत्साह के साथ गाना।" पूर्णचंद्र सभागार, 3 मार्च, 1992 2 . स्वामी, नामस्मरण कैसे महत्वपूर्ण है ? "हमने नाम संकीर्तन को साई गतिविधियों के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक के रूप में स्वीकार किया है। तुम्हारी रसनाओं पर भगवन्नाम को सदैव नर्तन करना च...

श्री सत्य साई भजन मार्गदर्शिका - 5|| Guidelines for Sai Bhajan- 5

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    5. आगे बढ़ना भगवान बाबा ने अपने अवतारिक संदेश में हमारे युग में नामस्मरण को साधना के रूप में अपनाने की आवश्यकता, प्रभाव और विधियों पर बल दिया है। अब उनके प्रभावी उपकरण होते हुए हमारी न केवल भूमिका है वरन् न केवल नाम स्मरण के माध्यम के अनुपालन का, अपितु साईभजन को अपने समाज में फैलाने का उत्तरदायित्व भी है। भगवान ने सदैव इनके आपसी संबंध और पारस्परिक निर्भरता पर जोर दिया है : व्यष्टि--> समष्टि--> सृष्टि--> परमेष्टि नाम संकीर्तन पर दिशा निर्देशों के उपरोक्त सभी बिंदु देशभर के साई केंद्रों में अनुपालन की सर्वस्वीकृत विधि निर्धारित करने के लिए हैं। साई भजन गाने और दोहराने में सरल है हमारे भजन संप्रदाय निरपेक्ष हैं एवं विश्व के सभी धर्मों को शामिल करते हैं। नाम संकीर्तन से जो लाभ हम अनुभव करते हैं उन्हें समाज के साथ साझा करना चाहिए। हमें समाज के कल्याण को ध्यान में रखते हुए साई भजन को एक नए आयाम से देखने की आवश्यकता है। ऐसे समय पर जब प्रकृति के सभी तत्व प्रदूषित हैं, जब मनुष्य की सोच नकारात्मक प्रवृतियों से प्रदूषित हो गई है, जब हमारी इन्द्रिय...

श्री सत्य साई भजन मार्गदर्शिका- 4|| Guidelines for Sai Bhajan- 4

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        4. भजन प्रशिक्षण भगवान ने सदा ही भजन गाने से पूर्व अभ्यास पर जोर दिया है। निरंतर अभ्यास से न केवल गायक में आत्मविश्वास बढ़ता है बल्कि यह गायक को भक्ति के ऊंचे स्तर तक ले जाता है, जहां पर भजन गाते समय छुपा हुआ भाव प्रकट होता है। इस गुणवत्ता के स्तर तक पहुंचने के लिए नियमितता और निरंतरता के आधार पर भजन प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने चाहिए। भजन प्रशिक्षण सत्र निम्न क्षेत्रों पर ध्यान देंगे : 🔹परिचित भजनों को सही श्रुति, तर्ज, उतार चढ़ाव, ताल आदि के साथ गाना। 🔹नए भजनों का परिचय 🔹स्वर संस्कार की जानकारी देना। 🔹संगीत की आधारभूत बातों का ज्ञान कराना। साई भजन में प्रचलित रागों का परिचय। 🔹आवाज एवं कुशलता के अनुसार भजन का चयन करना। यह पहचान करना कि भजन एकल गाया जाए या युग्म में गाया जाए। 🔹प्रत्येक भजन के अर्थ पर विचार विमर्श। 🔹भजन के बोलों से जुड़ी घटनाओं पर चिंतन, ताकि गायक इस बारे में जागरूक हो कि वह क्या गा रहा है। 🔹मधुर एवं धीमी गति के भजनों का उतार चढ़ाव के साथ गाने का अभ्यास 🔹जैसा "भजन गायक की भूमिका और उत्तरदायित्व" विभाग में ...

श्री सत्य साई भजन मार्गदर्शिका- 3|| Guidelines for Sai Bhajan- 3

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    3. एक गायक की भूमिका और उत्तरदायित्व (ROLES AND RESPONSIBILITIES OF A SINGER) _"भजन, गायन की वह प्रक्रिया है जो हृदय से निकलती है, न कि होठों से या जुबान से। भगवान की महिमा के स्मरण से हृदय से निकलती है।"_ _बाबा  (श्री सत्य साई वचनामृत १०) नाम संकीर्तन एक माध्यम है जिसे वर्तमान समय में शांति और प्रेम के पोषण के लिए हमारी स्वामी भगवान श्री सत्य साई बाबा ने निर्धारित किया है। भगवान बाबा ने गायकों के पालन एवं अभ्यास के लिए अनेकों प्रवचन और वार्तालाप की माध्यम से हमें पर्याप्त मार्गदर्शन और निर्देश दिए हैं। भजन गायक नाम स्मरण को फैलाने का एक यंत्र है, जिसे भगवान ने प्रारंभ किया था, जब उन्होंने संसार को अपने अवतार होने की घोशणा की थी। भगवान के अवतारिक मिशन में एक गायक की भूमिका सर्वश्रेष्ठ और अति आवश्यक है। साई भजन गाना अवतार के द्वारा हमें दिया गया एक जीवन पर्यंत सुअवसर(Life time opportunity) है। यह एक सेवा का शुभ अवसर है जो भक्तों की चिंता और तनाव को कम करके इस कलियुग में मन की शांति प्रदान करता है। यह गायक का उत्तरदायित्व है कि वह अपने गायन की गुणवत्ता क...